मंत्री के बेटे धनंजय सिंह RCA से आउट....

Anjani

 राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़ा सियासी और प्रशासनिक विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। जोधपुर हाईकोर्ट ने जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) की मान्यता रद्द करते हुए RCA एडहॉक कमेटी के अहम फैसलों पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर को RCA की एडहॉक कमेटी और जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पद से हटा दिया गया है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद RCA एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों द्वारा गठित नई सिलेक्शन कमेटी स्वतः भंग हो गई है, जबकि पूर्व सिलेक्शन कमेटी को बहाल कर दिया गया है। एडहॉक कमेटी ने पहले पूर्व सिलेक्शन कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाई थी, जिसे अब अदालत ने अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।न्यायाधीश सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश बीकानेर निवासी नरेश गहलोत की ओर से दायर याचिका पर दिया। नरेश गहलोत जूनियर सिलेक्शन कमेटी के सदस्य थे, जिन्हें पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया था।याचिका में बताया गया कि RCA ने 11 अक्टूबर 2025 को डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन जोधपुर को डिस एफिलिएट कर दिया था। इसके बावजूद 2 नवंबर 2025 को पारित आदेश में DCA के तत्कालीन अध्यक्ष धनंजय सिंह खींवसर ने RCA एडहॉक कमेटी के सदस्य के रूप में हिस्सा लिया, जो नियमों के विरुद्ध है।कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि जब DCA पहले ही असंबद्ध हो चुका था, तब उसके अध्यक्ष का एडहॉक कमेटी में शामिल होना और फैसले लेना अवैध है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी संबंधित सदस्यों को नोटिस जारी करते हुए स्टे एप्लिकेशन पर भी नोटिस जारी किया है। उधर, धनंजय सिंह खींवसर ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहीं भी यह नहीं कहा कि जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन या उन्हें डिस्क्वालीफाई किया गया है। खींवसर के अनुसार, यदि DCA के खिलाफ कोई सुनवाई होती तो उन्हें नोटिस मिलता, जबकि ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि 5 में से 4 एडहॉक कमेटी सदस्यों ने DCA को सही माना है और यदि वे अयोग्य होते तो सरकार उन्हें दोबारा एडहॉक कमेटी का सदस्य नहीं बनाती।हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद RCA में सियासी हलचल और तेज हो गई है। अब अगली सुनवाई और कोर्ट के अंतिम निर्णय पर पूरे राजस्थान क्रिकेट जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।