नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में चांदी ने ऐतिहासिक ऊंचाई छू ली है। चांदी की कीमत बढ़कर ₹2.83 लाख प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती, औद्योगिक मांग में जबरदस्त इजाफा और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के चलते चांदी के दामों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर चांदी की आपूर्ति सीमित बनी हुई है, जबकि मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। खासतौर पर सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी के बढ़ते इस्तेमाल ने कीमतों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ने से भी चांदी की औद्योगिक मांग मजबूत हुई है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि सोने के साथ-साथ चांदी में भी निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
घरेलू बाजार की बात करें तो सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे भाव के बावजूद निवेश उद्देश्य से खरीदारी जारी है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है, जिसके चलते गहनों और दैनिक उपयोग से जुड़ी चांदी की खरीद में कुछ कमी आई है।
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, अगर मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियां बनी रहती हैं और औद्योगिक मांग इसी तरह मजबूत रहती है, तो चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिक सकती हैं या इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।