बड़ी खबर: राजस्थान 5वीं बोर्ड में 'ऑटो प्रमोशन' खत्म, 32 नंबर नहीं आए तो छात्र होंगे फेल
जयपुर |
दिनांक: 09 फरवरी, 2026
राजस्थान सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में कक्षा 5वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्र 'बैठे-बिठाए' प्रमोट नहीं हो सकेंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर छात्र निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं करते हैं, तो उन्हें उसी कक्षा में रोका जाएगा।
प्रमुख सुर्खियां :
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पासिंग मार्क्स: हर विषय में कम से कम 32 अंक लाना अनिवार्य।
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सप्लीमेंट्री परीक्षा: फेल होने पर 2 महीने के भीतर दोबारा परीक्षा का अवसर।
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अंतिम मौका: दोबारा फेल होने पर छात्र को 5वीं कक्षा में ही रहना होगा।
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तैयारी: फेल छात्रों के लिए स्कूल आयोजित करेंगे रिमेडियल (अतिरिक्त) क्लासेज।
क्यों बदला नियम?
केंद्र सरकार द्वारा 'राइट टू एजुकेशन' (RTE) एक्ट में संशोधन के बाद राजस्थान सरकार ने यह कदम उठाया है। अब तक लागू 'नो डिटेंशन पॉलिसी' के कारण छात्रों को फेल नहीं किया जाता था, जिससे उच्च कक्षाओं में बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिर रहा था। इस नए नियम का उद्देश्य छात्रों की नींव मजबूत करना है।
दो महीने में मिलेगा 'लाइफलाइन' का मौका
जो छात्र मुख्य परीक्षा में 32 अंक नहीं ला पाएंगे, उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा 45 से 60 दिनों के भीतर एक और परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि वे उन छात्रों को विशेष तैयारी करवाएं ताकि वे पुनः परीक्षा में सफल हो सकें।
| परीक्षा श्रेणी | न्यूनतम अंक (100 में से) | परिणाम |
| मुख्य बोर्ड परीक्षा | 32 या उससे अधिक | उत्तीर्ण (Pass) |
| मुख्य बोर्ड परीक्षा | 32 से कम | पुनः परीक्षा (Retry) |
| पुनः परीक्षा (2 माह बाद) | 32 से कम | अनुत्तीर्ण (Fail/Detain) |
विशेष नोट: यह नियम सत्र 2025-26 की आगामी परीक्षाओं से ही लागू माना जाएगा। अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों की तैयारी पर विशेष ध्यान दें।
बोर्ड परीक्षा 2026 का हालिया अपडेट
राजस्थान शिक्षा बोर्ड के अनुसार, 5वीं बोर्ड की परीक्षाएं 20 फरवरी से 6 मार्च के बीच आयोजित की जाएंगी। हाल ही में गणित की परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया है, जो अब 6 मार्च को होगी।